कथा-पटकथा कक्षा 11 ऐच्छिक अनिवार्य
कथा-पटकथा कक्षा 11 ऐच्छिक अनिवार्य
पटकथा शब्द का अर्थ: पटकथा = पट + कथा
- पट का अर्थ होता है-परदा! और कथा का अर्थ होता है-कहानी।
- मतलब: ऐसी कहानी जो परदे पर दिखाई जाए – चाहे सिनेमा हो या टेलीविजन।
- अंग्रेजी में इसे ‘स्क्रीनप्ले’ कहा जाता हैं।
- लेखक स्वर्गीय मनोहर श्याम जोशी जो एक मशहूर साहित्यकार थे और उन्होंने कई कामयाब टेलीविज़न धारावाहिक और कई उपन्यासों आदि के साथ-साथ एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक लिखी है, जिसका शीर्षक है-पटकथा लेखन-एक परिचय।
- सिनेमा और टेलीविज़न दोनों ही माध्यमों के लिए बनने वाली फिल्मों, धारावाहिकों आदि का मूल आधार पटकथा ही होती है।
पटकथा का महत्त्व:
- पटकथा के अनुसार निर्देशक अपनी सारी शूटिंग की योजना बनाता है,
- फिल्म/टीवी की आधारशिला।
- अभिनेताओं को उनकी भूमिका की बारीकियाँ और संवादों की जानकारी इसी पटकथा से मिलती है ।
- कैमरे के पीछे काम करने वाले तकनीशियनों और सहायकों को अपने-अपने विभागों के लिए महत्त्वपूर्ण सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।
- कथानक तो पटकथा का एक अभिन्न हिस्सा होता ही है।
कथा के स्रोत:
- ‘पटकथा’ तैयार करने के लिए किसी भी फ़िल्म यूनिट या धरावाहिक बनाने वाली कंपनी को सबसे पहले जो चीज़ चाहिए होती है, वो है ‘कथा’,क्योंकि कथा ही नहीं होगी तो पटकथा कैसे बन पाएगी?
- कथा या कहानी को प्राप्त करने के कई स्रोत हो सकते हैं-व्यक्तिगत अनुभव, समाचार, कल्पना, इतिहास, जीवनी, साहित्यिक रचनाएँ।
- मशहूर उपन्यासों और कहानियों पर पर फ़िल्में या सीरियल बनाना आम बात है।
- दूरदर्शन तो अधिकतर ही साहित्यिक-रचनाओं को आधार बना कर धरावाहिक, टेलीफिल्मों आदि का निर्माण करवाता रहता है।
पटकथा की संरचना:
- नाटक जैसी – पात्र, घटनास्थल, दृश्य, द्वंद्व, समाधान आदि शामिल।
- अंग्रेजी में पटकथा को Screenplay कहते हैं।
- फ्लैशबैक: अतीत की घटना दिखाना।
- फ्लैश फॉरवर्ड: भविष्य की घटना पहले दिखाना।
पटकथा लेखन का
प्रारूप:
1.
दृश्य संख्या
2. लोकेशन: कहाँ
घटित हो रहा है?
3. समय: दिन
/ रात / सुबह / शाम
4. अंदर या बाहर: INT. (Interior) / EXT.
(Exterior)
तकनीकी निर्देश:
·
दृश्य
के अंत में: Cut To, Dissolve
To, Fade Out आदि
निर्देश।
·
निर्देशक, कैमरामैन, एडिटर
आदि के लिए आवश्यक।
कथा-पटकथा कक्षा 11 ऐच्छिक अनिवार्य
Reviewed by साहित्य संगम
on
August 31, 2025
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