कैसे लिखें कहानी कक्षा 12 ऐच्छिक
कैसे लिखें कहानी कक्षा 12 ऐच्छिक
कहानी क्या है -
- कहानी साहित्य की एक स्वतंत्र, प्रभावशाली और पूर्ण विधा है।
- कहानी की यही विशेषता है कि इसमें एक मानव के जीवन की किसी प्रमुख
घटना का वर्णन होता है।
- यह किसी एक मुख्य घटना, पात्र, समस्या या मनोभाव को केंद्र बनाकर लिखी जाती है।
- प्रेमचंद के अनुसार-कहानी जीवन के किसी एक अंग या मनोभाव को व्यक्त करती है।
कहानी हमारे जीवन से संबंध : सदैव से कहानी मानव जीवन का प्रमुख
हिस्सा रही है।
- कहानी सुनना-सुनाना मानव की जन्मजात प्रवृत्ति है।
- यह अनुभव साझा करने का माध्यम है।
- कहानी हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा रही है – मनोरंजन, शिक्षा और अनुभव का स्रोत।
कहानी का इतिहास –
- कहानी का इतिहास उतना ही पुराना है जितना मानव इतिहास।
- पहले मौखिक कहानियाँ प्रचलित थीं, जैसे – युद्ध, प्रेम, प्रतिशोध आदि की।
- कल्पना का उपयोग कहानियों में प्रारंभ से होता रहा है।
- पंचतंत्र, हितोपदेश, जटाकथाएँ – शिक्षाप्रद कहानियों के पुराने उदाहरण हैं।
(i) कथानक:
·
यह
कहानी का मूल आधार है – प्रारंभ, मध्य और अंत सहित।
·
इसमें
द्वन्द्व (conflict) होना चाहिए, जो कहानी को रोचक बनाता है।
(ii) देशकाल :
·
कहानी
कब और कहाँ घट रही है – इसका स्पष्ट चित्रण।
·
स्थान
और समय की सटीकता कहानी को विश्वसनीय बनाती है।
(iii) पात्र :
·
पात्रों
का स्वभाव, गुण, व्यवहार – सब जीवंत होना चाहिए।
·
संवादों
और क्रियाओं से ही उनके गुण दर्शाने चाहिए,
सीधे नहीं।
(iv) संवाद :
·
संवाद
से पात्रों का चरित्र बनता है और कहानी आगे बढ़ती है।
·
संवाद
छोटे, अर्थपूर्ण और यथासंभव प्राकृतिक हों।
(v) चरमोत्कर्ष (क्लाइमेक्स) :
·
कहानी
को धीरे-धीरे शीर्ष बिंदु (peak point) तक ले जाना।
·
पाठक
को निर्णय लेने की स्वतन्त्रता होनी चाहिए।
· विचार
चुनें – एक विचार या घटना को केंद्र बनाएं।
· संरचना
बनाएं – शुरुआत, संघर्ष और समाधान तय करें।
· पात्र
गढ़ें – उनके गुण, भाषा,
व्यवहार पर ध्यान दें।
· संवाद
लिखें – कहानी में स्वाभाविकता और गति लाएँ।
· भाषा
सरल और प्रभावशाली हो।
· समाप्ति ऐसी हो जो सोचने पर मजबूर करे या पाठक के मन पर छाप छोड़े।

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