✍️ शब्द-विचार (कक्षा 11 हिन्दी अनिवार्य) | परिभाषा, भेद और उदाहरण
✍️ शब्द-विचार (कक्षा 11 हिन्दी अनिवार्य) | परिभाषा, भेद और उदाहरण
📌 शब्द-विचार की परिभाषा
एक से अधिक वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं।
हिंदी भाषा में शब्दों का वर्गीकरण 4 आधारों पर किया जाता है –
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अर्थ के आधार पर
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विकार के आधार पर
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उत्पत्ति के आधार पर
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बनावट के आधार पर
1️⃣ अर्थ के आधार पर
(क) सार्थक शब्द
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जिनसे कोई स्पष्ट अर्थ निकलता है।
👉 उदाहरण: खाना, घर, विद्यालय
(ख) निरर्थक शब्द
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जिनसे कोई अर्थ नहीं निकलता।
👉 उदाहरण: हमल, लमक, टमक
2️⃣ विकार के आधार पर
(क) विकारी शब्द
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जिनके रूप लिंग, वचन या काल बदलने पर बदल जाते हैं।
👉 उदाहरण: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया
(ख) अविकारी शब्द (अव्यय)
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जिनके रूप कभी नहीं बदलते।
👉 उदाहरण: ऊपर, और, तो, आह!
👉 इसमें आते हैं – क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक
3️⃣ उत्पत्ति के आधार पर
(क) तत्सम शब्द
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संस्कृत भाषा से ज्यों-के-त्यों आए।
👉 उदाहरण: सूर्य, ग्राम, सत्य
(ख) तद्भव शब्द
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संस्कृत से बदले हुए शब्द।
👉 उदाहरण: सूरज (सूर्य), गाँव (ग्राम)
(ग) देशज शब्द
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लोकभाषा/बोलचाल से बने शब्द।
👉 उदाहरण: खिचड़ी, जूता, पगड़ी
(घ) विदेशज शब्द
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विदेशी भाषाओं से आए शब्द।
👉 उदाहरण: स्कूल, कमरा, वकील, बंदूक
4️⃣ बनावट के आधार पर
(क) रूढ़ शब्द
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परंपरा से बने, जिन्हें खंड करने पर अर्थ नहीं मिलता।
👉 उदाहरण: राम, गंगा
(ख) यौगिक शब्द
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दो या अधिक शब्दों के मेल से बने।
👉 उदाहरण: भोजनालय (भोजन + आलय)
(ग) योगरूढ़ शब्द
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मूल अर्थ छोड़कर नया अर्थ प्रदान करने वाले।
👉 उदाहरण: राजहंस (राजा + हंस → विशेष पक्षी)
✨ शब्द-विचार का महत्व
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भाषा को व्यवस्थित और सरल बनाता है।
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साहित्य और व्याकरण को समझने में सहायक।
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कक्षा 11 और प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत उपयोगी।
👉 इस प्रकार, शब्द-विचार हिंदी व्याकरण का आधारभूत अध्याय है जो शब्दों की संरचना और प्रयोग को स्पष्ट करता है।

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