स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन-पत्र कक्षा 11 ऐच्छिक अनिवार्य
स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन-पत्र कक्षा 11 ऐच्छिक अनिवार्य
- यह पाठ स्ववृत्त (बायोडेटा) और आवेदन पत्र के सही और प्रभावशाली लेखन के महत्व को समझाता है।
विद्यार्थी जीवन और भविष्य की तैयारी
- विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर तरह-तरह की कल्पनाएँ करते हैं।
- मनचाही नौकरी या व्यवसाय पाने के लिए वे प्रयास करते हैं।
- प्रतियोगिता के कारण सफलता पाना आसान नहीं होता।
- परिश्रम और धैर्य से ही सफलता प्राप्त होती है।
स्ववृत्त क्या है?
- स्ववृत्त (जिसे बायोडाटा, जीवनवृत्त, या Resume भी कहा जाता है) वह लिखित दस्तावेज़ होता है जिसमें व्यक्ति अपने बारे में संक्षिप्त जानकारी देता है, जैसे:
- व्यक्तिगत जानकारी
- शैक्षणिक योग्यता
- कार्य अनुभव (यदि हो)
- कौशल
(Skills)
- रुचियाँ
- उद्देश्य
(Career Objective)
स्ववृत्त का महत्व
- नौकरी पाने के लिए पहला कदम: अच्छा बायोडेटा।
- योग्य उम्मीदवार भी यदि बायोडेटा अच्छा न बनाएं, तो नौकरी नहीं मिलती।
- यह उम्मीदवार का प्रतिनिधि होता है।
स्ववृत्त की विशेषताएँ
- चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका।
- सुंदर, आकर्षक, सुसंगठित होना चाहिए।
- ईमानदारीपूर्ण जानकारी दी जानी चाहिए।
- झूठ या अतिशयोक्ति से बचें।
- सरल, स्पष्ट और सटीक भाषा का प्रयोग।
- स्ववृत्त में वही जानकारियाँ दें जो नियोक्ता के लिए उपयोगी हों।
- प्रथम प्रभाव यही डालता है – इसे चुंबक भी कहा जा सकता है।
स्ववृत्त के दो पक्ष
- उम्मीदवार – जिसके बारे में जानकारी दी जाती है।
- नियोक्ता – जिसके लिए जानकारी दी जाती है।
भाषा-शैली
- सरल, साफ-सुथरी और व्याकरण-संहित।
- अलंकारिक या कठिन भाषा नहीं होनी चाहिए।
स्ववृत्त की लंबाई
- बड़े पदों के लिए लंबा (8–10 पृष्ठ भी चलेगा)।
- छोटे पदों के लिए संक्षिप्त (1–2 पृष्ठ)।
स्ववृत्त प्रस्तुत करते समय ध्यान देने
योग्य बातें
- टाइप किया हुआ और साफ-सुथरा हो।
- व्याकरण और वर्तनी की अशुद्धियाँ न हों।
- प्रस्तुति में लापरवाही न हो वरना गलत छवि बनती है।
विविध सूचनाओं का ब्योरा –
- स्ववृत्त सूचनाओं का एक अनुशासित प्रवाह है।
- कहने का तात्पर्य यह है कि इसमें प्रवाह और अनुशासन दोनों ही होने चाहिए।
- प्रवाह व्यक्ति परिचय से प्रारंभ होता है और शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, प्रशिक्षण, उपलब्धियाँ, कार्येतर गतिविधियाँ इत्यादि पड़ावों को पार करता हुआ अपनी पूर्णता प्राप्त करता है।
- परिचय में नाम, जन्मतिथि, उम्र, पत्र व्यवहार का पता, टेलीफोन नंबर, ई-मेल आदि अवश्य लिखने चाहिए। स्ववृत्त के ये अवयव केवल उदाहरण के लिए हैं।
- आवश्यकतानुसार इनमें फेरबदल किया जा सकता है।
स्ववृत्त लेखन
व्यक्तिगत विवरण:
·
नाम: अजय
वर्मा
·
पिता
का नाम: श्री रामस्वरूप वर्मा
·
जन्म
तिथि: 12 जून, 2001
·
लिंग: पुरुष
·
वैवाहिक
स्थिति: अविवाहित
·
पता: 56, अशोक
नगर, उदयपुर, राजस्थान
·
संपर्क
नंबर: +91-9000000000
·
ईमेल: ajay.verma@email.com
·
राष्ट्रीयता: भारतीय
·
भाषा
ज्ञान: हिंदी, अंग्रेज़ी
शैक्षणिक योग्यताएँ
अन्य संबंधित योग्यताएँ
·
कंप्यूटर
का अच्छा ज्ञान और अभ्यास (एम.एस. ऑफ़िस तथा इंटरनेट)
·
फ़्रांसीसी
भाषा का कार्य योग्य ज्ञान
उपलब्धियाँ
·
अखिल
भारतीय वाद-विवाद प्रतियोगिता (वर्ष 2005) में
प्रथम पुरस्कार
·
राजीव
गाँधी स्मारक निबंध प्रतियोगिता (2006) में
प्रथम पुरस्कार
·
विद्यालय
और महाविद्यालय क्रिकेट टीमों का कप्तान कार्येतर गतिविधियाँ और अभिरुचियाँ
·
उद्योग
व्यापार संबंधी पत्रिकाओं और अखबारों का नियमित पाठन
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देश
भ्रमण का शौक
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इंटरनेट
सर्फिंग
·
फुटबाल
और क्रिकेट में अभिरुचि

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