हुसैन की कहानी अपनी ज़बानी सारांश | मकबूल फ़िदा हुसैन का जीवन परिचय | Class 11 Hindi Antral
हुसैन की कहानी अपनी ज़बानी सारांश | मकबूल फ़िदा हुसैन का जीवन परिचय | Class 11 Hindi Antral
📖 प्रस्तावना
हिन्दी कक्षा 11 के पाठ्यपुस्तक अंतराल (Antral) के दूसरे अध्याय में मशहूर चित्रकार मकबूल फ़िदा हुसैन की आत्मकथा का अंश “हुसैन की कहानी अपनी ज़बानी” शामिल है। इस पाठ में उनके बचपन, बोर्डिंग स्कूल का अनुभव और रानीपुर बाज़ार की घटनाओं के माध्यम से उनकी कला-यात्रा को उजागर किया गया है।
✍️ मकबूल फ़िदा हुसैन – जीवन परिचय
- जन्म : 17 सितंबर 1915, पंढरपुर (महाराष्ट्र)
- निधन : 9 जून 2011, लंदन
- प्रसिद्धि : भारत के महान चित्रकार, जिन्हें ‘भारत का पिकासो’ कहा जाता है
- कार्यक्षेत्र : चित्रकला, ऑयल पेंटिंग, फिल्मी पोस्टर और विज्ञापन
- योगदान : भारतीय आधुनिक चित्रकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई
- पुरस्कार :
1966 – पद्म श्री
1973 – पद्म भूषण
1991 – पद्म विभूषण
📚 हुसैन की कहानी अपनी ज़बानी – सारांश
यह आत्मकथा दो भागों में बंटी है –
1️⃣ बड़ौदा का बोर्डिंग स्कूल
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दादा के निधन के बाद हुसैन उदास हो गए।
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अब्बा ने उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेजा ताकि वे पढ़ाई के साथ धार्मिक शिक्षा और अनुशासन सीखें।
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वहाँ उनकी दोस्ती छह लड़कों से हुई।
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उन्होंने अपनी कला प्रतिभा का परिचय गांधीजी का चित्र बनाकर और ड्राइंग मास्टर की चिड़िया हूबहू उतारकर दिया।
2️⃣ रानीपुर बाज़ार
- चाचा की दुकान पर बैठाकर उन्हें व्यापार सिखाने की कोशिश हुई।
- लेकिन हुसैन वहाँ भी लोगों के स्केच बनाते रहते।
- मजदूर, महिलाओं और पशुओं के चित्र बनाकर उन्होंने अभ्यास किया।
- कोल्हापुर की फ़िल्म सिंहगढ़ का पोस्टर देखकर ऑयल पेंटिंग का जुनून पैदा हुआ।
- किताबें बेचकर रंग खरीदे और पहली ऑयल पेंटिंग बनाई।
- पिता ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और प्रोत्साहित किया।
- चित्रकार बेंद्रे साहब के मार्गदर्शन ने उनकी कला को नई दिशा दी।
📌 शॉर्ट नोट्स
- लेखक : मकबूल फ़िदा हुसैन
- रचना : हुसैन की कहानी अपनी ज़बानी (आत्मकथा अंश)
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मुख्य भाग :
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बड़ौदा का बोर्डिंग स्कूल
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रानीपुर बाज़ार
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संदेश :
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प्रतिभा और जुनून को पहचानना
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मेहनत और लगन से सफलता पाना
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कला को जीवन का आधार बनाना
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FAQs
Q1. हुसैन की कहानी अपनी ज़बानी किसने लिखी है?
👉 यह मशहूर चित्रकार मकबूल फ़िदा हुसैन की आत्मकथा का अंश है।
Q2. इस पाठ में किन दो भागों का उल्लेख है?
👉 बड़ौदा का बोर्डिंग स्कूल और रानीपुर बाज़ार।
Q3. हुसैन को किस नाम से जाना जाता है?
👉 उन्हें ‘भारत का पिकासो’ कहा जाता है।
Q4. हुसैन को कौन-कौन से पुरस्कार मिले?
👉 पद्म श्री (1966), पद्म भूषण (1973), पद्म विभूषण (1991)।

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