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क्षितिज भाग 1 मेरे बचपन के दिन

 

मेरे बचपन के दिन संक्षिप्त नोट्स


1.    लेखिकामहादेवी वर्मा।

2.    मुख्य विषयबचपन की यादें, शिक्षा, मित्रता और सामाजिक वातावरण।

3.    परिवारिक पृष्ठभूमि

o   पीढ़ियों बाद बेटी का जन्म; परिवार में बहुत स्नेह मिला।

o   बाबा को फारसी-उर्दू का ज्ञान, माँ से हिंदी और संस्कृत सीखी।

4.    शिक्षा

o   बाबा संस्कृत पढ़ाना चाहते थे।

o   मौलवी साहब से उर्दू सीखने में रुचि नहीं।

o   क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज में प्रवेश, अच्छा वातावरण।

5.    सुभद्रा कुमारी चौहान से मित्रता

o   कविताएँ लिखने का शौक।

o   पत्रिकाओं में कविताएँ छपने लगीं।

o   कवि-सम्मेलन में पुरस्कार मिले।

6.    सांस्कृतिक और भाषाई मेलजोल

o   छात्रावास में भेदभाव नहीं, विभिन्न भाषाओं का वातावरण।

o   मराठी भी सीखी, त्योहार मिलकर मनाए।

7.    महत्वपूर्ण घटनाएँ

o   कविता के लिए चाँदी का कटोरा मिला, गांधी जी को भेंट किया।

o   नवाब परिवार से मेल-जोल, भाई का नाम मनमोहनरखा।

8.    संदेश

o   बचपन का प्रेम, मेल-जोल और समानता का वातावरण अब खो गया है।

o   अगर वह तालमेल आज होता, तो भारत की तस्वीर अलग होती।

क्षितिज भाग 1 मेरे बचपन के दिन Reviewed by साहित्य संगम on September 03, 2025 Rating: 5

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