शेर, पहचान, चार हाथ, साझा – कक्षा 12 हिंदी अंतरा अध्याय 6 | सारांश, लेखक परिचय, प्रश्न-उत्तर
शेर, पहचान, चार हाथ, साझा – कक्षा 12 हिंदी अंतरा अध्याय 6 | सारांश, लेखक परिचय, प्रश्न-उत्तर
✍️ परिचय
कक्षा 12 हिंदी (RBSE/NCERT) के अंतरा भाग-2 का छठा अध्याय असगर वजाहत की लघु कथाएँ “शेर, पहचान, चार हाथ, साझा” हैं। इन कहानियों के माध्यम से लेखक ने समाज में सत्ता, पूँजीपति और शोषणकारी मानसिकता पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत किया है।
👤 लेखक परिचय : असगर वजाहत
- जन्म : 1946 ई., फतेहपुर (उ.प्र.)
- शिक्षा : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
- पेशा : जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय, दिल्ली में अध्यापक
- लेखन प्रारम्भ : 1955
- भाषा-शैली : सरल, सहज, उर्दू शब्दों व मुहावरों का प्रयोग, पैना व्यंग्य।
प्रमुख कृतियाँ
- कहानी संग्रह – दिल्ली पहुँचना है, स्विमिंग पूल, सब कहाँ कुछ, आधी बानी, मैं हिन्दू हूँ
- उपन्यास – रात में जागने वाले, पहर दोपहर तथा सात आसमान, कैसी आगि लगाई
- नाटक – फिरंगी लौट आये, इन्ना की आवाज, वीरगति, समिधा, जिस लाहौर नई देख्या, अकी
- नुक्कड़ नाटक – सबसे सस्ता गोश्त
📖 लघु कथाओं का सारांश
1️⃣ शेर
- शेर ने खुद को अहिंसावादी बताकर जंगली जानवरों को धोखे में रखा।
- जानवर स्वेच्छा से उसके पेट में चले जाते।
- संदेश : सत्ता झूठे प्रचार से जनता को भ्रमित करती है।
- राजा को ऐसी प्रजा पसंद थी जो बहरी, गूंगी और अंधी हो।
- संदेश : शासक जनता को दबाकर अपनी सत्ता बनाए रखते हैं।
3️⃣ चार हाथ
- मिल मालिक मजदूरों से अधिक काम लेकर उनका शोषण करता है।
- संदेश : पूँजीवाद मजदूरों का शोषण करता है।
4️⃣ साझा
- हाथी और किसान साझे में खेती करते हैं।
- हाथी चालाकी से गन्ने खा जाता है।
- संदेश : किसान पूँजीपतियों और बड़े लोगों द्वारा ठगा जाता है।
महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1. ‘शेर’ कहानी किस पर व्यंग्य करती है?
👉 सत्ता और झूठे प्रचार पर।
प्रश्न 2. ‘पहचान’ कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
👉 शासकों को ऐसी प्रजा पसंद होती है जो उनके आदेश मानती रहे।
प्रश्न 3. ‘चार हाथ’ कहानी में क्या दर्शाया गया है?
👉 मजदूरों के शोषण और पूँजीवादी व्यवस्था की सच्चाई।
प्रश्न 4. ‘साझा’ कहानी का प्रतीकार्थ क्या है?
👉 किसानों की कमाई पूँजीपतियों और बड़े लोगों द्वारा हड़प ली जाती है।
📝 निष्कर्ष
असगर वजाहत की ये लघु कथाएँ सिर्फ व्यंग्य ही नहीं, बल्कि समाज में फैले शोषण, छल और सत्ता की सच्चाई को उजागर करती हैं।

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